BIG BANG TAX REFORMS

Corporate tax reforms

पिछ्ले शुक्रवार corporate tax को घटाकर 22प्रतिशत और 1 अक्टूबर के बाद शुरु होने वाली नई घरेलू manufacturing companies के लिये 15प्रतिशत कर दिया गया है ।

इन सब से सरकार को 1.45 लाख करोड़ की आमदनी कम होगी ।

इतना ही पैसा companiyon की balance sheet में जुड़ जायेगा और उम्मीद है उससे कंपनियों का निवेश बढेंगे व अर्थव्यवस्था पटरी पर आयेगी व रोजगार का सृजन होगा ।

Corporate tax कटौती से share market में उछाल

इन एलानो के बाद sensex 3000 points और nifty में 895 points की तेजी दर्ज की गई ।

हालांकि इस तेजी में अतिउत्साह नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि NSE का Volatility Index (VIX)

सोमवार को 10.7 प्रतिशत चढ़ गया ।

असल में ये index भविष्य में बाजार में जोखिमों के बारे में traders की सोच का पता देतें हैं ।

अर्थात् भारतीय share बाजार में आये इस boom को सबकुछ ठीक होने का indicator नहीं मानना चाहिए।

STRUCTURAL REFORMS पर अधिक जोर देना चाहिए था ।

अगर structural reforms पर अधिक जोर दिया गया होता तो वह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ज्यादा अधिक फायदेमंद हो सकता था।

क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था की core यानी जान भारतीय जनता की खर्च करने की क्षमता है ।

Economic language में कहें तो household expenditure ही core है ।

और जब तक आम लोगों की buying power नहीं बढाई जायेगी इस स्तिथि को रोकना मुश्क़िल होगा ।

इसके सबूत भी मिलने लगे हैं ।

शेयर बाजार 500 अंक लूढका ।

शेयर बाजार ऊपर जाने के बाद कल 25 september को 500 points तक लुढक गया ।

सोमवार को 1,000 अंकों से अधिक उछाल के बाद बुधवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 503.62 अंक (1.29%) लुढ़ककर 38,593.52 पर बंद हुआ।

अमेरिका में छाई राजनीतिक अनिश्चितता, भारी बिकवाली तथा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा एशियाई अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत के बाद शेयर बाजार ढह गया। एनएसई का निफ्टी 148.00 अंकों (1.28%) की गिरावट के साथ 11,440.20 पर बंद हुआ।

दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 39,087.20 का ऊपरी स्तर तथा 38,510.97 का निचला स्तर छुआ।

वहीं, निफ्टी ने 11,564.95 का उच्च स्तर तथा 11,416.10 का निम्न स्तर छुआ।

Share market के लुढ़कने के निम्नलिखित कारण थे ।

मुनाफावसूली


पिछले दो सत्रों में शेयर बाजार में भारी उछाल को निवेशकों ने भुनाया। इन दो सत्रों में सेंसेक्स में लगभग 3,000 अंकों की तेजी आई थी। निफ्टी में भी लगभग 900 अंकों की तेजी दर्ज की गई थी।

ट्रेड वॉर खत्म होने की उम्मीदों को झटका


अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन की कारोबारी गतिविधियों की आलोचना की है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड डील होने पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं।

ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि व्यापार वार्ता के दौरान वह ‘बैड डील’ को स्वीकार नहीं करेंगे और पेइचिंग उन वादों को निभाने में नाकाम रहा है, जो उसने विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने के दौरान किया था।

एडीबी द्वारा सुस्ती के संकेत


एशियाई विकास बैंक ने एशियाई बाजार में भारी सुस्ती का संकेत दिया है, जिसके लिए उसने अमेरिका तथा चीन के बीच ट्रेड वॉर को जिम्मेदार ठहराया है। एडीबी के चीफ इकनॉमिस्ट यासुयूकी सावादा ने एक बयान में कहा, ‘चीन तथा अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर साल 2020 में भी कायम रहेगा, जबकि दुनिया की बाकी अर्थव्यवस्थाएं इस दौरान इतनी परेशानियों का सामना कर रही होंगी, जितना कि हम अंदाजा नहीं लगा सकते हैं।’

बीएसई पर महज 6 कंपनियों के शेयर हरे निशान पर बंद हुए, जबकि 24 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि एनएसई पर 13 कंपनियों के शेयरों में खरीदारी तथा 37 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई।

उपरोक्त अधिकतर कारण वैसे अन्तर्राष्ट्रीय ही थे ।

परन्तु अगर हम अपनी आन्तरिक अर्थव्यवस्था दुरूस्त कर लें तो अन्तर्राष्ट्रीय कारणों के प्रभाव कम किया जा सकता है ।