#JUSTICE FOR TWINKLE SHARMA;DOSHIYON KO AISE SAJA DO JISSE DUBARA KISI KI HIMMAT NA HO AISE HEWANIYAT SOCHNE KI BHI

#JUSTICE FOR TWINKLE SHARMA

इस जघन्य और अमानवीय कृत्य पढ़कर सुनकर हर भारतीय आक्रोश और दुःख में है। ये  आर्टिकल लिखते हुए मेरे भी अंदर भावनायें अपने चरम पर है। ये मानव सभ्यता की हत्या है केवल उस मासूम बच्ची की नहीं।

 लगातार ऐसे अपराध भारत को कलंकित करने लगे है। न जाने लोगों में ऐसा करने की  सोच और हिम्मत कहाँ से  विकसित हो जाती है ? अब फिर दो चार दिन बात  होगी लोगों का गुस्सा कैंडल मार्च और सोशल मीडिया आदि पर दिखेगा फिर धीरे धीरे सब अपनी अपनी दिनचर्या में व्यस्त हों जायेंगे।
फिर दुबारा जब ऐसी हैवानियत होगी तब यही प्रक्रिया पुनः अपनायी जाएगी क्यों हैं न ?
पर अगर मेरी मानो तो ENOUGH IS ENOUGH इन दोषियों को ऐसे सजा दी जाये जो मिसाल बने आगे के लिए दुबारा कोई अपने जहन में भी न लाये ऐसा कुछ करने की।
हो सकता है आप बुद्धिजीवी मेरी बात से सहमत न हों और बोलें कानून के अनुसार सजा मिले पर माफ़ कीजियेगा बहुत हुआ फांसी वासी इनके साथ बिलकुल वैसे ही हो जैसा इन्होने उस मासूम के साथ किया है।
इनकी आँखे निकाल ली जाये हाथ बाजु से उखाड़ दिए जायें और वो सभी कृत्य जो इन्होने किये उसकी पूूूनरावती  की जाये और ख्याल रखा जायें ये तब तक न मरें जब तक ये सारे जघन्य कार्य इनके साथ पुरे न हो जाएँ।
शायद इससे डर बैठें लोगो में।

TWINKLE SHARMA MURDER WHAT REALLY HAPPENED

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रविवार को एक ढाई साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया, उसके कटे हुए शरीर को आवारा कुत्तों ने डंपिंग ग्राउंड से बाहर निकाला।
बच्चे का शव अलीगढ़ के बाहरी इलाके में टप्पल शहर में उसके घर के करीब पाया गया था। पुलिस ने दो आरोपियों जाहिद और असलम को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अपराध कबूल कर लिया है। वे उसके पड़ोसी थे और लगभग आधा किलोमीटर दूर रहते थे। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मकसद बदला लेना  था, क्योंकि लड़की के माता-पिता कथित रूप से 10000  रुपये का ऋण चुकाने में विफल रहे थे।
अलीगढ़ पुलिस ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हत्या की जांच करेंगे और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करेंगे।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि बलात्कार का कोई निशान नहीं है लेकिन हाथ और पैर टूटे हुए थे। शरीर को भारी रूप से विघटित कर दिया गया था ताकि ऐसा प्रतीत हो जैसे कि उसकी आँखों को बाहर निकाल दिया गया है।
सूत्रों की माने तो बच्चा घर से गायब हो गया। उसके माता-पिता, रिश्तेदारों ने उसे रात भर खोजा और सुबह शिकायत दर्ज कराई।

SOCIAL MEDIA में जस्टिस फॉर ट्विंकल नाम से # चालू हो गया  है।

 कुछ महत्पूर्ण लोगों के ट्वीट व विचार निम्नलिखित हैं।
कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि अलीगढ़ यूपी में एक छोटी बच्ची की भयानक हत्या ने मुझे झकझोर दिया है। कोई भी इंसान इतनी बर्बरता के साथ बच्चे को कैसे मार  सकता है? यह भयानक अपराध अप्रकाशित नहीं होना चाहिए। हत्यारों को न्याय दिलाने के लिए यूपी पुलिस को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि ” अलीगढ़ में हुई नृशंस हत्या एक निर्दोष बच्चे के खिलाफ अभी तक अमानवीय और अमानवीय अपराध है। मैं उस दर्द की कल्पना करना भी शुरू नहीं कर सकता, जिसे उसके माता-पिता को महसूस कर रहें होंगे।

Badshah: दुनिया को क्या हो गया है ?! बेहद धक्का लगा।

अभिषेक बच्चन: बस इतनी घृणा और नाराज़गी के बारे में सुनकर … कोई ऐसा काम करने के बारे में सोच भी कैसे सकता है। बोली बंद होना।

KayKay Menon: मैं उस निर्दोष क्रोध का वर्णन नहीं कर सकता जो मुझे लगता है कि मैं मासूम छोटे बच्चे के बारे में पढ़ रहा हूं … यह बुराई से परे है! दोषियों को उतना ही नुकसान उठाना पड़ता है जितना कि छोटे बच्चे को! यहाँ कोई दया नहीं, कोई मानवाधिकार नहीं! यह मानव नहीं है।

Kubbra Sait: क्या शर्म की बात है! जैसे सचमुच!! क्या इंसानियत नहीं है? एक आदमी का एक गधा, एक छोटी लड़की को नष्ट कर देता है, जिसमें कोई दया नहीं है। हम एक राष्ट्र के रूप में खड़े होकर इस पास को नहीं देख सकते। इस मैल को सजा देने के लिए सबसे सख्त सजा की जरूरत है। यूनाइटेड के लिए …

कोएना मित्रा: प्रिय महिलाओं, आप मोरों को जन्म न देकर दुनिया को बदल सकती हैं। जब आप उन्हें उठा नहीं सकते, तो उन्हें न बनाएँ! प्रिय सांसदों, हमें एसिड हमलों और रैप के लिए खतरनाक दंड की आवश्यकता है। लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध खत्म होने चाहिए!

हंसिका: मैं इस बारे में जानने के लिए बहुत व्याकुल और हतोत्साहित हूं … ढाई साल की बच्ची का बलात्कार किया गया और अलीगढ़ के पास टप्पल में सबसे भयानक तरीके से उसकी हत्या की गई। न्याय करना होगा।

रवीना टंडन: अलीगढ़ में एक भयानक, बर्बर बलात्कार, 3 साल के बच्चे की हत्या, उसकी आँखों पर पट्टी बांधने वाले अपराधियों ने उसके शरीर को विकृत कर दिया, बुराई, अमानवीय और बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। लटका होना चाहिए। कानून को तेजी से काम करना चाहिए!

सिद्धार्थ मल्होत्रा: की खबर से बेहद परेशान … यह ऐसी दुनिया में रहने वाला है, जहां मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। मैं अपने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं कि इस तरह के जघन्य अपराध को फिर से दोहराया नहीं जाए!

जेनेलिया देशमुख: यह भयावह है, मैं इस बात से पूरी तरह से नाराज हूं कि हमारे देश में महिलाओं और अधिक छोटी लड़कियों के साथ क्या हो रहा है … हम आपको विफल कर रहे हैं और आपकी तरह एक बार फिर समय-समय पर … ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए।

अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें

लगभग सभी लोग इससे आहत हैं हमारे सबके घरों में छोटे बच्चें हैं। अब समय है उनका विशेष ख्याल रखें किसी पर भी बच्चों के मामलें में विश्वाश न करें।

में कोई डरा नहीं रहां हूँ दरअसल में खुद डरा हुआ हूँ। और अपना डर आपक साथ साझा कर रहां हूँ।

रूह काँप जाती है उन माँ बाप का सोचकर जिनके बच्चों के साथ ऐसे घटनायें हुई हैं। ये ही मान लें हमारे बच्चे इतने भाग्यशाली नहीं हैं की वो बाहर अकेलें खेलें जैसे हम अपने बचपन में खेलते थे।